सोचा न था घर से दूर जाना … पर ये हुवा। … सोचा भले के लिए होगा। …
सोचा न था शादी कर ने के बारे में .... पर ये हुवा … पूरा घर ही बदल गया
अपना बना लिया था सबको … दिल भी नहीं जीता था सबका और.…… देस ही बदल गया.....
पराये देस में कोई नहीं मेरा न छोड ना साथ ये मेरा इस एकांत मे.............